केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी दूसरी और अंतिम उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। 37 नामों वाली इस सूची के साथ ही पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी मौजूदा सांसद को चुनावी मैदान में उतारा नहीं जाएगा। सीट बंटवारे को लेकर अंदरूनी खींचतान और सांसदों की दावेदारी के बावजूद गुरुवार को जारी इस सूची में एक भी लोकसभा सदस्य को टिकट नहीं मिला, जिसे पार्टी के भीतर बड़ा फैसला माना जा रहा है।
सांसदों की दावेदारी पर लगा ब्रेक
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस इस बार 92 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि तीन सीटों पर पार्टी ने वाम दल से अलग हुए बागी नेताओं को समर्थन देने का फैसला किया है। इससे पहले 55 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा चुकी है। टिकट की दौड़ में शामिल कुछ सांसदों को झटका लगा है। कन्नूर सीट से टिकट की मांग कर रहे के. सुधाकरण को मौका नहीं मिला और यहां टी. ओ. मोहनन को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं कोन्नी सीट से दावेदारी कर रहे अडूर प्रकाश को भी टिकट नहीं दिया गया और पार्टी ने प्रोफेसर सतीश कोच्चरम्बील पर भरोसा जताया है।
चार सीटों पर अभी भी सस्पेंस बरकरार
कांग्रेस ने अंबलपुझा, तलिपरम्बु, पय्यनूर और ओट्टपालम सीटों पर अभी उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। इन सीटों पर वाम दल के बागी नेता पहले ही मैदान में हैं। पार्टी ने त्रिपुनिथरा और पेरुंबावूर को छोड़कर अपने अधिकांश मौजूदा विधायकों को फिर से मौका दिया है। पेरुंबावूर सीट पर मौजूदा विधायक एल्डोज कुन्नापिल्ली को खराब प्रदर्शन के आधार पर टिकट नहीं दिया गया और उनकी जगह मनोज मूथेदान को मैदान में उतारा गया है।
पूर्व भाजपा नेता और युवा चेहरों पर भरोसा
त्रिपुनिथरा सीट पर के. बाबू की जगह दीपक जाय को उम्मीदवार बनाया गया है, जिन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। कुट्टनाड से निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी देने वाले साजी जोसेफ को पूंजार सीट से टिकट दिया गया है। अरनमुला सीट से युवा कांग्रेस नेता अबिन वर्गी को मैदान में उतारा गया है, जहां उनका मुकाबला भाजपा के कुम्मनम राजशेखरन से होगा। नेमम सीट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर के खिलाफ कांग्रेस ने अरुविकरा के पूर्व विधायक के. एस. सबरीनाथन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व भाजपा नेता संदीप वारियर को कासरगोड के त्रिकारिपुर से टिकट दिया गया है।
